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गुरुवार, 19 सितंबर 2013

आके जब कोई तस्वीर लुभाए, तुम्हे पाने की छटा ना उसमे नज़र आये।। यूँ मानो ये शायरी इजहारे मुहब्बत की है,जब तुम्हें मिल जाए कोई गौर से देखो उस फुरसत की है।।~~~~~~~~~APM

एक छटा मिल जाए तेरी दिल में एक तस्वीर बना दूँ,
एक घटा दिख जाए तेरी नीचे उसके खुद को भिगा दूँ।।
~~~~~~~~~APM

तेरी किरण के इंतजार में हम हैं,
स्वागतम आने के बहार में नम हैं।।
~~~~~~~~~APM

रास्ते व गलियों में परिंदे पंख मारते हैं बहुत,
पर तेरे लबों की खुशबू उनमे कहाँ है।।
~~~~~~~~~APM

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