-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
बुधवार, 13 नवंबर 2013
आते जाते तो रहती हैं जज्बातें,
पर सौभाग्य से होती हैं मुलाकातें।।
~~~~~~~~~APM
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