-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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बुधवार, 11 दिसंबर 2013
APM
ये छाँव तेरी जुल्फों का,ये वार तेरी आँखों का,
तकरार तेरी बातों का, इनकार तेरे होंठो का,
जाँ तो ले लेता है, ये महकना तेरी सांसों का,
तू तो है पूरी बुलबुल, पर पतवार तेरा जालिम का।।
~~~~~~~~~APM
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