-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
सोमवार, 6 जनवरी 2014
APM
यूँ लुट जाता हूँ मै तेरी इक हँसी मुस्कान पे,
की हार जाता हूँ दिलो-जान मै पुरे इमान से।।
~~~~~~~~~APM
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