-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
Translate
बुधवार, 1 जनवरी 2014
काश !
काश! उसने भी मतलब अपना हमपर सँवारा ना होता,
जिंदगी का इक पल भी मुझको आज गँवारा ना होता,
ये ख़ामोशी भी ना होती, होती बस खुशनसीब जिंदगी,
सुरूर होता APM का भी आज,और किसी के लिए "आशिक" तो किसी को "आँवारा" ना होता।।
~~~~~~~~~APM
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें