-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
रविवार, 23 फ़रवरी 2014
सबसे तेज
आँखों का वार तो बेकार नहीं जाता,
दुनियाँ में शस्त्रों का भी पार नहीं आता,
बीत सकती है व्यक्ति की ज़िन्दगी सारी,
पर भावनाओं पर हुआ धिक्कार नहीं जाता।।
~~~~~~~~APM
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