-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
रविवार, 16 नवंबर 2014
कौन कहता है अब मानवता नहीं रहा
पहली मुलाकात में ही हम उसके हो गए,
तारीफी यह है कि अपना लिया उसने।
~~~~~~~~~APM
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