-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
शनिवार, 22 नवंबर 2014
जीने की तरकश
दुनियाँ में जीने की तरकश कुछ इस तरह है यारों,
कोई नाम बदला है तो कोई भगवान बदल दिया।
~~~~~~~~~APM
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