-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
मंगलवार, 11 जुलाई 2017
लोग नजदीक रहकर भी कितने दूर होते हैं !
सोचकर भी कुछ न कहने को मजबूर होते हैं।
#APM
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