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सोमवार, 8 दिसंबर 2014

न जाने कब आएगी

वो तो मिली नहीं, अब तू ही उसके बारे में लिखदे ऐ कलम,
लोगों से सुना था जिंदगी ही चार दिन की है।
~~~~~~~~~APM

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