वो यूँ ही देख हमको मुस्कराती रही,
किसी गाने को खुद में सुनाती रही,
चेहरे पे लिखी थी सारी बातें ही उसकी !
जाने क्या सोच फिर भी सरमाती रही ।
#APM
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शायरियाँ बनानी हो तो ऐसी ही बनाओ मित्रों, किसी को बेवफा कहना, किसी को दोष देना, किसी पर आरोप लगाना या फिर किसी को कोसते रहना एक बुद्धिमान व्यक्ति को शोभा नहीं देता !
#वन्दे_मातरम्
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