-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
मंगलवार, 27 जून 2017
इश्क की पड़ताल कर के, थक गया हूं अब यहाँ !
इक नज़र वो देख ले तो, भूल जाऊँ मैं जहाँ।
#APM
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