-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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गुरुवार, 20 नवंबर 2014
हम हैं हम
संघर्ष हमारा आज भी कम नहीं, सदियों से जो लड़े हैं हम।
कभी अपने लिए जिया, तो कभी अपनों के लिए जिये हम ।
~~~~~~~~~ APM
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