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मंगलवार, 11 जुलाई 2017

लोग नजदीक रहकर भी कितने दूर होते हैं !
सोचकर भी कुछ न कहने को मजबूर होते हैं।
#APM

लोग नजदीक रहकर भी दूर होते हैं,
ये कुदरत का करिश्मा नहीं रिश्तों के डोर होते हैं।
#APM

मंगलवार, 27 जून 2017

इश्क की पड़ताल कर के, थक गया हूं अब यहाँ !
इक नज़र वो देख ले तो, भूल जाऊँ मैं जहाँ।
#APM

गुरुवार, 7 जुलाई 2016

शायरी

वो यूँ ही देख हमको मुस्कराती रही,

किसी गाने को खुद में सुनाती रही,

चेहरे पे लिखी थी सारी बातें ही उसकी !

जाने क्या सोच फिर भी सरमाती रही ।

#APM

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शायरियाँ बनानी हो तो ऐसी ही बनाओ मित्रों, किसी को बेवफा कहना, किसी को दोष देना, किसी पर आरोप लगाना या फिर किसी को कोसते रहना एक बुद्धिमान व्यक्ति को शोभा नहीं देता !

#वन्दे_मातरम्

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2015

मैं बेहोश हूँ !

मैं उसकी आँखों को दोष दे दूँ !
या उसकी बनावट को दोष दूँ !
ये उम्र ही उस मोड़ पे है यारों !
होश में होते हुए भी मैं बेहोश हूँ।
‪#‎APM‬