लोग नजदीक रहकर भी कितने दूर होते हैं !
सोचकर भी कुछ न कहने को मजबूर होते हैं।
#APM
मेरे शायरी
-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:- यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं। किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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मंगलवार, 11 जुलाई 2017
मंगलवार, 27 जून 2017
गुरुवार, 7 जुलाई 2016
शायरी
वो यूँ ही देख हमको मुस्कराती रही,
किसी गाने को खुद में सुनाती रही,
चेहरे पे लिखी थी सारी बातें ही उसकी !
जाने क्या सोच फिर भी सरमाती रही ।
#APM
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शायरियाँ बनानी हो तो ऐसी ही बनाओ मित्रों, किसी को बेवफा कहना, किसी को दोष देना, किसी पर आरोप लगाना या फिर किसी को कोसते रहना एक बुद्धिमान व्यक्ति को शोभा नहीं देता !
#वन्दे_मातरम्
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2015
मैं बेहोश हूँ !
मैं उसकी आँखों को दोष दे दूँ !
या उसकी बनावट को दोष दूँ !
ये उम्र ही उस मोड़ पे है यारों !
होश में होते हुए भी मैं बेहोश हूँ।
#APM
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