-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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रविवार, 28 जुलाई 2013
एजी नजरें मेरी तो सब से प्यार कर लेती हैं
मदभरी अदाओं से क्यूँ मारती हो हमें
आ जाओ करीब आओ यूँ ही दूर से न रिझाओ
ऐसे फूलों को चूमने की आदत है हमें .
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