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रविवार, 28 जुलाई 2013

मेरे शायरी

उन्हें देखकर मैं सपने सजाया था बहुत,
उन्होंने हमें जो आजमाया था बहुत,
आज तन्हाई में लम्हे जब आते हैं याद,
नादान बड़े थे जिन्होंने चाहा था बहुत।।
~~~~~~~~~APM
 कभी कभी दिल कहता है की ओ आये ही क्यूँ थे,
 सरारतों से अपनी हमें आजमाए हिक क्यूँ थे,
 जब नीद खुलती है तो कोई कहता है अक्सर,
 कि प्यार क्या है ओ तुम्हें बताये ही यूँ थे।।
~~~~~~~~~APM
 मैं सचमुच था अंजान प्यार से,
 रहता था हैरान प्यार से,
 अब तो आ जाये दिन ओ फिर
 जब कोई लाये पैगाम प्यार से।।
~~~~~~~~~APM

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