उन्हें देखकर मैं सपने सजाया था बहुत,
उन्होंने हमें जो आजमाया था बहुत,
आज तन्हाई में लम्हे जब आते हैं याद,
नादान बड़े थे जिन्होंने चाहा था बहुत।।
~~~~~~~~~APM
कभी कभी दिल कहता है की ओ आये ही क्यूँ थे,
सरारतों से अपनी हमें आजमाए हिक क्यूँ थे,
जब नीद खुलती है तो कोई कहता है अक्सर,
कि प्यार क्या है ओ तुम्हें बताये ही यूँ थे।।
~~~~~~~~~APM
मैं सचमुच था अंजान प्यार से,
रहता था हैरान प्यार से,
अब तो आ जाये दिन ओ फिर
जब कोई लाये पैगाम प्यार से।।
~~~~~~~~~APM
उन्होंने हमें जो आजमाया था बहुत,
आज तन्हाई में लम्हे जब आते हैं याद,
नादान बड़े थे जिन्होंने चाहा था बहुत।।
~~~~~~~~~APM
कभी कभी दिल कहता है की ओ आये ही क्यूँ थे,
सरारतों से अपनी हमें आजमाए हिक क्यूँ थे,
जब नीद खुलती है तो कोई कहता है अक्सर,
कि प्यार क्या है ओ तुम्हें बताये ही यूँ थे।।
~~~~~~~~~APM
मैं सचमुच था अंजान प्यार से,
रहता था हैरान प्यार से,
अब तो आ जाये दिन ओ फिर
जब कोई लाये पैगाम प्यार से।।
~~~~~~~~~APM
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें