-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
Translate
सोमवार, 22 जुलाई 2013
Nigahen hain maasum Teri Pyari hain adayen Tu han kar de ek baar Waar dun mai saari wafayen ............ >>>{Angira Prasad Maurya} <<<
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें