-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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बुधवार, 27 नवंबर 2013
APM
कस्मों पे कसम खाते रहे,बिछडेंगे ना हम जताते रहे,
यूँ खफा हुई किस्मत ऐसी,खाक हुए सब वादे जो भी हम बताते रहे।।
~~~~~~~~~APM
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