-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
Translate
सोमवार, 27 अक्टूबर 2014
मेरे भी दर्द की होगी इस दुनियाँ में दवाई,
ए पी एम यही सोच कर तनहा भी जी लेता हूँ।
~~~~~~~~~ APM
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें