-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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गुरुवार, 30 अक्टूबर 2014
दीवाना हूँ मैं
ये मत पूँछो कि मेरा इरादा क्या है !
प्रेम की प्यास कभी मिटती नहीं, चढ़ जाती है।
~~~~~~~~~APM
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मेरे घर का पता न पूँछो मैं परवाना हूँ !
जहाँ दिल ठहर जाता है वहीँ शाम हो जाती है।
~~~~~~~~~APM
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