-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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सोमवार, 24 नवंबर 2014
हमारी बुलंदी
हमारी बुलंदी को तोड़ने का रवैया था जिनका,
देखो आज दिल ही उनका टूटा हुआ है।
उन्हें क्या पता हमारी अभिव्यक्ति क्या है,
ए पी एम जहाँ भी गया दिलों को बांधने का खूँटा हुआ है।
~~~~~~~~~APM
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