सोचता हूँ तुझे जब रास ही न था तो इस जिन्दगी में तू आई कैसे,
था ही अगर तेरा प्यार सच्चा तो भला जल्दी इतनी भुलाई कैसे |
सह लूँगा सारे गम मैं हंसकर पर तेरे इन ज़ख्मो पर मरहम लगाऊँ कैसे,
हँसना तो कोई मुस्किल नहीं पर मिलन को ये अँखियाँ रुलाऊं कैसे |
दे रहा हर पल मौसम संदेसा प्यार का बिना तेरे मैं ये निभाऊँ कैसे ,
ओ प्यारी बातें रोज की मुलाकातें किस हाल में और भुलाऊं कैसे |
है ये ज़माना बेवफा शायद तू नहीं बिना तेरे खुद को बताऊँ कैसे ,
होता नहीं भेदभाव प्रेमियों में बिना तेरे ज़माने को सुझाऊं कैसे |
कह दे जरा साफ़ साफ़ तुझे नहीं है प्यार वरना अकेले मैं दिल को बताऊँ कैसे ,
मैं तेरे बिरह में तेरी इस खफाई से बता ये जिन्दगी बिताऊं कैसे |
~~~~~~~~~APMhttps://www.facebook.com/photo.php?fbid=457319094339027&set=a.414065255331078.93335.413973745340229&type=3&theater
था ही अगर तेरा प्यार सच्चा तो भला जल्दी इतनी भुलाई कैसे |
सह लूँगा सारे गम मैं हंसकर पर तेरे इन ज़ख्मो पर मरहम लगाऊँ कैसे,
हँसना तो कोई मुस्किल नहीं पर मिलन को ये अँखियाँ रुलाऊं कैसे |
दे रहा हर पल मौसम संदेसा प्यार का बिना तेरे मैं ये निभाऊँ कैसे ,
ओ प्यारी बातें रोज की मुलाकातें किस हाल में और भुलाऊं कैसे |
है ये ज़माना बेवफा शायद तू नहीं बिना तेरे खुद को बताऊँ कैसे ,
होता नहीं भेदभाव प्रेमियों में बिना तेरे ज़माने को सुझाऊं कैसे |
कह दे जरा साफ़ साफ़ तुझे नहीं है प्यार वरना अकेले मैं दिल को बताऊँ कैसे ,
मैं तेरे बिरह में तेरी इस खफाई से बता ये जिन्दगी बिताऊं कैसे |
~~~~~~~~~APMhttps://www.facebook.com/photo.php?fbid=457319094339027&set=a.414065255331078.93335.413973745340229&type=3&theater
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