-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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रविवार, 21 जुलाई 2013
चाहत हो गर पास तुम्हारे हालातों का फिकर न करना।
अंगारों में कूद पड़ो तुम कमजोरी का जिकर न करना।।
~~~~~~~~~APM
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