Translate

शनिवार, 27 जुलाई 2013


कुछ अपने होते हैं कुछ बेगाने रह जाते हैं,
अक्सर हम इस दुनियां से अन्जाने रह जाते हैं,
कल बीता फिर भी चंद फ़साने रह रह जाते हैं,
कभी हम ही खुद में खुद से बेगाने रह जाते हैं।।
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
~~~~~~~~~APM

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें