सिर्फ कस्मे खाकर प्यार नहीं बताया करते,
कसमें तो ओ भी खाया करते थे इक दिन.
प्यार करो तो इज़हार भी करना जम कर.
वरना बिन रुसवाई मिली है हर एक को इक दिन.
वह सुहाने दिन ना रहे ना रहा अब रूहानी रिश्ता,
कोई ना रहा तब जीता हूँ मैं कुछ लमहे गिन-गिन।।
~~~~~~~~~APM
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