-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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बुधवार, 19 मार्च 2014
लगती तो बिंदास हो तुम
उपमा में शुभ-आस हो तुम
दिल को पर बकवास हो तुम
मिल जाओ तो खास हो तुम
~~~~~~~~~APM
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