-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
Translate
मंगलवार, 1 अप्रैल 2014
मै आँखों में ही कह दूँगा, पर बातों तक ना जाऊंगा
मैं अपने दिल में रह लूँगा, खैरातों तक ना आऊँगा।
हया-हया से हया बहुत है, राग-राग से राग अहुत है,
हया नरम है राग गरम है, मै दोनों का हो जाऊंगा।
~~~~~~~~~APM
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें