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शुक्रवार, 11 अप्रैल 2014

रूठ सा गया

आज क्यूँ ये समंदर सूख सा गया,
आज क्यूँ मैं अपनों से ऊब सा गया,
अपनों में जो बहुत ही खास था यारों,
क्यूँ हर पल को हमसे अब रूठ सा गया।
~~~~~~~~~APM

वो कह तो तारे ले आयें,
एक नहीं सारे ले आयें,
मान जाए बस प्रीतम अपना,
कोई एक खबर ले आये।
~~~~~~~~~APM

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