-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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रविवार, 26 अक्टूबर 2014
बहुत ही तमन्ना थी उसे पाने की हममें,
गर सड़कों पे हमको नजरंदाज न किया होता।
~~~~~~~~~APM
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ये दुनियाँ बहुत ही जालिम है दोस्तों,
आँखे बंद कर लो तो अंधा, आँखे खुली रखो तो बेवफा बना देती है।
~~~~~~~~~ APM
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