-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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सोमवार, 17 नवंबर 2014
हुश्न वाले
हुश्न वालों का जादू तो चल ही जाता है दोस्तों,
समझ नहीं आता कब तक रखूँ जज्बातों को औकात में ।
~~~~~~~~~APM
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