-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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मंगलवार, 18 नवंबर 2014
वही तू नसल है
इरादा था मेरा, वही तू नसल है।
मैं शायर हूँ तेरा,तू मेरी ग़ज़ल है।
~~~~~~~~~ APM
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