-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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शुक्रवार, 28 नवंबर 2014
मैं तुझे छूटने न दूँगा
खुदा रूठ जाए पर खुदाई मैं छूटने न दूँगा,
जान चली जाये पर तुझे मैं टूटने न दूँगा |
~~~~~~~~~APM
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