-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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गुरुवार, 25 दिसंबर 2014
ये दुनियाँ
अरसे पहले ही सोच रखा है ये दुनियाँ है कितनी निराली,
किसी के होंठो में लाली तो किसी की करतूतें हैं काली।
~~~~~~~~~APM
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