-:मेरे शायरियों की दुनियाँ में आपका स्वागत है:-
यह कोई जरूरी नहीं की सभी पंक्तियाँ हमारी ही घटनाओं से सम्बंधित हैं।
किसी और के विगत जीवन को भी देखते हुए लिखा जा सकता है।
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सोमवार, 10 मार्च 2014
APM
फूल तो यहाँ वसूलों को भी हैं मात दे देते हैं,
जाते हैं मिलने हम पर साथ वो चला जाता है,
प्रभु ने भी क्या खूब बनाई है ये दुनियाँ,
मिन्नतें न हों तो आखिर दर पे ही कौन आता है।
~~~~~~~~~APM
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