उन फूलों का भी क्या कहना, जो हम आप के लिए चुनते हैं।
उन वसूलों का भी क्या कहना, जो बस आप पे ही बनते हैं।
फूल को तो पता भी ना था की वो जायेगा साथ किसके पर गया हुश्न वाले के साथ!
काश! यह फूल ना होता ऐ ए.पी.एम., तो जाते साथ वही जो मिलने की तमन्ना रखते हैं।
~~~~~~~~~APM
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